मंगलवार, 9 जनवरी 2024

ESW का मतलब सामान्य बर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोग. ESW केटेगिरी मे SC, OBC, ST, के किसी भी भारतीय ब्यक्ति को शामिल नही किया जाता है

बिस्तार 

साल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र की मोदी सरकार ने सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 10 फीसदी आरक्षण दिया था। इसके लिए संविधान में 103वां संशोधन किया किया था। इसके बाद से ही इस आरक्षण के खिलाफ विवाद खड़ा हो गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण बरकरार रखने पर अपनी मुहर लगा दी है। मामले की सुनवाई करते हुए पांच जजों वाली संवैधानिक पीठ ने EWS आरक्षण के पक्ष में 3: 2 के अंतर से अपना फैसला सुनाया। तीन न्यायाधीश ने अधिनियम को बरकरार रखने के पक्ष में जबकि चीफ जस्टिस और एक न्यायाधीश ने इसपर असहमति जताई। आइए अब जानते हैं सुप्रीम कोर्ट में ये मामला क्यों पहुंचा था? EWS आरक्षण का फायदा किन्हें मिलेगा?

EWS का मतलब है आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण। यह आरक्षण सिर्फ जनरल कैटेगरी यानी सामान्य वर्ग के लोगों के लिए है। इस आरक्षण से SC, ST, OBC को बाहर किया गया है। दरअसल, 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र की मोदी सरकार ने सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 10 फीसदी आरक्षण दिया था। इसके लिए संविधान में 103वां संशोधन किया किया था। वैसे कानूनन, आरक्षण की सीमा 50 फीसदी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। अभी देशभर में एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग को जो आरक्षण मिलता है, वो 50 फीसदी सीमा के भीतर ही है। मामला यहीं फंस गया था कई लोगों को आपत्ति थी कि सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण मिलने से यह करीब 60 फीसदी के बराबर हो जाएगा जो कि संविधान को घोर उल्लंघन है। केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 40 से ज्यादा याचिकाएं दायर हुई थीं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने 27 सितंबर को अपना फैसला सुरक्षित रखा था। इसके अलावा फरवरी 2020 में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में पांच छात्रों ने भी आरक्षण के खिलाफ याचिका दायर की थी।  


50 फीसदी सीमा में किसे कितना आरक्षण, केंद्र सरकार ने दी सफाई

50 फीसदी सीमा में ओबीसी को 27 फीसदी, एससी को 15 फीसदी और एसटी को 7.5 फीसदी आरक्षण मिला है। लेकिन सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 10 फीसदी आरक्षण मिलने से यह सीमा 59.5 फीसदी हो जाती है। लेकिन केंद्र सरकार ने इसपर सफाई देते हुए कहा था कि आरक्षण के 50% बैरियर को हमने नहीं तोड़ा है क्योंकि 1992 के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने ही कहा था कि 50% से ज्यादा आरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए ताकि बाकी 50% जगह सामान्य वर्ग के लोगों के लिए बची रहे। यह आरक्षण 50% में आने वाले सामान्य वर्ग के लोगों के लिए ही है। यह बाकी के 50% वाले ब्लॉक को डिस्टर्ब नहीं करता है।

                       ✍️✍️✍️✍️✍️निर्वेश क्रांतिकारी 


सोमवार, 8 जनवरी 2024

इसे कहते है भक्ती की आड़ मे बिजनेस

 

इसे कहते है भक्ती की आड़ मे बिजनेस ✍️✍️✍️

ये कोई इत्तेफ़ाक़ नही बल्कि मोदी सरकार की साजिस है

एक तरफ राम मंदिर के नाम पर लोगों के बीच अपने राम भक्त होने का प्रचार कर रहे है.

और राममंदिर की आड़ मे उस बन को काट रहे है जिसमे भगवान राम ने बनबास के समय 10 साल गुजारें थे.

मंगलवार, 26 दिसंबर 2023

UPP कॉस्टेबल भर्ती अभ्यर्थीयों को 3 साल अतिरिक्त छूट

 


     UPP कॉस्टेबल भर्ती अभ्यर्थीयों को 3 साल अतिरिक्त छूट 

 सामान्य पुरुष उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु अब 25 वर्ष है

जबकि महिलाओं के लिए यह 28 वर्ष है।


इसी प्रकार, आरक्षित श्रेणी के छात्रों के लिए, पुरुषों और महिलाओं

के लिए अधिकतम आयु सीमा क्रमशः 30 और 33 वर्ष कर दी गई है।

भर्ती देखने वाले युवाओं के लिए उप्र सरकार की तरफ से एक और

मौका दिया है 

शुक्रवार, 22 दिसंबर 2023

15.लाख का सपना दिखा कर बीजेपी PM नरेंद्र मोदी जी ने 1.4 लाख का बना दिया कर्ज दार


 मोदी सरकार ने देश पर कर्ज बढ़ा द‍िया.

जब मोदी जी सरकार मे आए उससे पहले मोदी जी ने सभी नागरिक के लिए 15 लाख रु मिलने का सपना दिखाया और अव 

देश के हर नागर‍िक पर 1 लाख 40 हजार का कर्ज लाद द‍िया.

बीजेपी सरकार को लगता है, इस बात से देश पर कोई फर्क नही पड़ेगा.

लेकिन आने वाले समय मे सायद कोई आपत्ति आने पर कोई विश्वास करें.

क्योंकि देश की जनता से PM केयर फण्ड के नाम इकट्ठा किया हुआ पैसा का जनता को ही नही मालूम क्या हुआ.

तो सायद अव जनता से चंदा किसी सरकारी आपत्ति के नाम पर मिल सके.

कुल मिलाकर अव जनता पूर्ण रूप से आपत्ति समय मे भी आत्म निर्भर है.

जो की मौजूद बीजेपी के प्रधानमंत्री जी का एक सपना था.

वो लगभग साकार हो चूका है 

बुधवार, 20 दिसंबर 2023

PMO ने अग्निवीर स्कीम को सेना पर ज़बरदस्ती थोपा था, पूर्व सेनाध्यक्ष का खुलासा !!

 PMO ने अग्निवीर स्कीम को सेना पर ज़बरदस्ती थोपा था, पूर्व सेनाध्यक्ष का खुलासा !! 


अग्निवीर स्कीम PMO द्वारा देश व सेना के साथ एक धोखा या शायद एक साजिश !!


पूर्व सेना प्रमुख जनरल M.N. नरवाने ने अपनी किताब "फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी" में किया खुलासा !


"PMO से अग्निवीर योजना के ऐलान से तीनों सेनाएं चौंक गई थी ! नौसेना और वायु सेना के लिए तो ये सूचना एक झटके की तरह आई !"


उन्होंने आगे लिखा कि "जो सैनिक देश के लिए जान देता है, उसकी सैलरी की तुलना दिहाड़ी मज़दूर से नहीं की जा सकती, सेना की मज़बूत सिफारिश के बाद इसे 20,000/- मासिक से बढ़ाकर 30,000/- मासिक किया गया।" 


लेकिन रेगुलर की तनख्वाह 45000 है, अग्निवीर व रेगुलर सैनिक के बीच ये भेदभाव घातक सिद्ध होगा। 


प्रश्न ये हैं कि-


➡️ PMO (प्रधानमंत्री कार्यालय) ने अग्निपथ स्कीम को भारतीय सेना व तीनों सेना प्रमुखों को बिना बताए व बिना पायलट प्रोजेक्ट किए, क्यों लागू किया ?


➡️ सेना पर ये स्कीम, जो न देशहित में है, न ही युवाओं के हित में है, फिर भी क्यों थोपी गई ?


➡️ क्या ये स्कीम देश की सुरक्षा प्रणाली के साथ खिलवाड़ नहीं है ?


➡️ जब ये स्कीम देश की सुरक्षा, सेना व युवाओं के हित में नहीं है तो इसे क्यों न तुरंत प्रभाव से बंद कर किया जाए !


सोमवार, 4 सितंबर 2023

विश्व कप के लिए भारत की टीम


निर्वेश क्रांतिकारी ✍️✍️✍️

बल्लेबाज: रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, सूर्यकुमार यादव।
विकेटकीपर: केएल राहुल, ईशान किशन।
ऑलराउंडर: हार्दिक पांड्या  (उपकप्तान), रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल, शार्दुल ठाकुर।
गेंदबाज: जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव।

मंगलवार, 4 अप्रैल 2023

Sambhal : बेटी के साथ हुई छेड़खानी में तत्काल कार्रवाई न होने व पुलिस द्वारा फैसला का दवाव बनाने पर पिता ने खाया जहर, उपचार के दौरान मौत


Sambhal : बेटी के साथ हुई छेड़खानी में तत्काल कार्रवाई न होने पर पिता ने खाया जहर, उपचार के दौरान मौत


 संभल Published by: निर्वेश क्रांतिकारी 

उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना संभल जिले के थाना कुढ़फतेहगढ़ क्षेत्र के एक गांव में मंगलवार की शाम पांच बजे करीब हुई है।

Sambhal : Due to no immediate action in molestation with daughter, father consumed poison, died
death demo - फोटो 

    • #रामराज्य 

    विस्तार

    चंदौसी (संभल) में बेटी के साथ हुई छेड़खानी की घटना से आहत पिता ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना संभल जिले के थाना कुढ़फतेहगढ़ क्षेत्र के एक गांव में मंगलवार की शाम पांच बजे करीब हुई है। पुलिस ने 55 वर्षीय मृतक की पत्नी की तहरीर के आधार पर युवती से छेड़खानी के मामले में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। 


    वहीं युवती के भाई समेत तीन लोगों के खिलाफ आरोपी की पत्नी ने भी छेड़खानी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। मृतक के परिवार का आरोप है कि पुलिस मंगलवार की सुबह से शाम तक फैसला करने का दवाब बनाती रही। डराने और धमकाने के साथ ही पीड़ित युवती और उसकी मां को भी थाने में बैठाए रखा। इसी बात से आहत होकर व्यक्ति ने जहरीले पदार्थ का सेवन थाने से बाहर निकल कर किया। मृतक की पत्नी ने बताया कि सोमवार की शाम वह खेत पर गेहूं की कटाई करने के लिए गई थीं। 


    पति व परिवार के अन्य लोग रामपुर जिले में बेटी का रिश्ता तय करने के लिए गए हुए थे। घर पर 18 वर्षीय बेटी और बेटे की पत्नी थे। शाम के समय बेटी घर से कुछ दूरी पर बनी पशुशाला में भैंस का दूध निकालने के लिए जा रही थी। इसी दौरान आरोपी ने छेड़खानी की। पीड़िता ने बताया कि जब वह खेत से लौटीं तो बेटी ने घटना की जानकारी दी। रिश्ता तय कर लौटे पति व परिवार के लोगों को भी इसकी जानकारी दी। रात के समय थाने नहीं गए लेकिन यूपी112 पुलिस को सूचना दी थी। मौके पर पहुंची यूपी112 पुलिस ने थाने में तहरीर देने के लिए कहा। रात के समय थाने गए नहीं थे। 

    मंगलवार की सुबह जब थाने पहुंचे तो पुलिस समझौते का दवाब बनाने लगी। पीड़िता का आरोप है कि जब कार्रवाई की मांग की तो पुलिस ने बेटी को जेल भेजने की धमकी देते हुए बैठा लिया। सुबह से शाम तक पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसकी जानकारी जब पति को हुई तो वह आहत हो गए और उन्होंने थाने के सामने से ही किसी दुकान से सल्फास की गालियां खरीदकर सेवन कर लिया। जिससे उपचार के दौरान चंदौसी के निजी अस्पताल में उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी पर अपर पुलिस अधीक्षक डा. श्रीशचंद्र, सीओ चंदौसी दीपक तिवारी भी पहुंच गए। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

    दोनों पक्षों में विवाद की सूचना पर यूपी112 पुलिस पहुंची थी। मंगलवार को दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खि लाफ छेड़खानी की रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। तहरीर के आधार पर दोनों पक्षों की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जिस व्यक्ति ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर जान दी है। वह नशे की हालत में था। पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप है। उसकी जांच कराई जाएगी।
    - डा. श्रीशचंद्र, अपर पुलिस अधीक्षक, संभल।

    पंचायत चुनाव पर यूपी सरकार का बड़ा फैसला, हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील करेगी योगी सरकार

    लखनऊ : उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ सरकार अपील दायर करेगी,...