शनिवार, 27 जून 2026

पंचायत चुनाव पर यूपी सरकार का बड़ा फैसला, हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील करेगी योगी सरकार

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ सरकार अपील दायर करेगी, जिसमें कहा गया है कि ग्राम प्रधान असंवैधानिक हो चुके प्रावधानों के तहत प्रशासक की भूमिका नहीं निभा सकते। सरकार अगले सप्ताह एकल पीठ के फैसले को डबल बेंच या फुल बेंच में चुनौती देने की तैयारी कर रही है।



इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की एकल पीठ ने 25 जून को दिए गए आदेश में कहा था कि संविधान के अनुच्छेद 243(ई) और 243(के) के तहत पंचायतों का कार्यकाल पांच वर्ष से अधिक नहीं बढ़ाया जा सकता। कोर्ट ने राज्य सरकार को 13 जुलाई तक पंचायत चुनाव कराने की रूपरेखा भी पेश करने का निर्देश दिया है।

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सरकार का तर्क: कानून में अब भी मौजूद है प्रावधान

शासन के सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1947 की धारा 12 की उपधारा (3-ए) अभी भी कानून का हिस्सा है। यह प्रावधान 1994 में लागू किया गया था, जिसके तहत चुनाव समय पर न हो पाने की स्थिति में सरकार वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था, जैसे प्रशासक या प्रशासनिक समिति नियुक्त कर सकती है।


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हालांकि, हाईकोर्ट ने पूर्व के प्रेम लाल पटेल बनाम उत्तर प्रदेश राज्य मामले में स्पष्ट किया था कि इस प्रावधान का इस्तेमाल चुनावों को अनिश्चितकाल तक टालने या प्रधानों एवं प्रशासकों का कार्यकाल मनमाने तरीके से बढ़ाने के लिए नहीं किया जा सकता।


चुनाव में देरी पर कोर्ट सख्त

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि पंचायत चुनाव कराना राज्य निर्वाचन आयोग का संवैधानिक दायित्व है और प्रशासनिक कारणों का हवाला देकर इसमें अनावश्यक देरी नहीं की जा सकती।


पिछड़ा वर्ग आयोग को पक्षकार बनाने पर भी आपत्ति

मामले में एक और विवाद समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग को पक्षकार बनाए जाने को लेकर है। आयोग के अध्यक्ष एवं इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस राम औतार सिंह ने कहा कि कमीशन ऑफ इन्क्वायरी एक्ट की धारा-9 के तहत किसी आयोग को मुकदमे में पक्षकार नहीं बनाया जा सकता। सरकार इस हिस्से को भी चुनौती देगी।


ओबीसी आरक्षण तय होने तक चुनाव मुश्किल

पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए राज्य सरकार ने 18 मई को उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया था। आयोग को राज्यभर में पिछड़े वर्ग की आबादी, सामाजिक-आर्थिक स्थिति और पिछड़ेपन का अध्ययन कर रिपोर्ट सौंपनी है।


आयोग अब तक मेरठ, हापुड़ और बागपत का दौरा कर चुका है। सभी 75 जिलों से आंकड़े जुटाए जा चुके हैं और उनका जमीनी सत्यापन किया जा रहा है। आयोग के अध्यक्ष के अनुसार अंतिम रिपोर्ट तैयार करने में लगभग छह महीने लगेंगे और रिपोर्ट नवंबर तक सरकार को सौंपी जा सकेगी।


OBC आरक्षण निर्धारित होने के बाद होंगे चुनाव

यदि आयोग की रिपोर्ट नवंबर तक आती है, तो ओबीसी आरक्षण का अंतिम निर्धारण होने के बाद ही पंचायत चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। ऐसे में उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव इस वर्ष के अंत तक टलने की संभावना बढ़ गई है, हालांकि इस पर अंतिम स्थिति हाईकोर्ट में सरकार की अपील और आयोग की रिपोर्ट पर निर्भर करेगी।

सोमवार, 3 मार्च 2025

उत्तर प्रदेश मे 46000 करोड़ टैक्स गायव

 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी ने बताया है कि प्रयाग महाकुंभ के 45 दिनों में 3 लाख करोड़ रुपये का राजस्व मिला है।



लेकिन फरवरी में उत्तर प्रदेश का GST कलेक्शन  केवल ₹9155 करोड़ रुपये प्राप्त हुए है और केवल 14% की वृद्धि हुई है। यानि सिर्फ 1300 करोड़ रुपये।


सवाल ये है कि 3 लाख करोड़ रुपये का GST कहाँ है? 18% टैक्स की औसत दर से करीब 54,000 करोड़ का टैक्स होना चाहिए था!



ये टैक्स कहाँ है? कौन खा गया? सरकार तक क्यों नहीं पहुँचा? किसने इतनी भारी टैक्स चोरी की है? क्या बीजेपी देगी जवाब?


(ये सच है कि कुंभ में काफ़ी व्यापार कैश में हुआ होगा। लेकिन GST तो प्रोडक्शन चैन में सबसे ऊपर से लगता है। इसलिए सरकार को ये GST तो मिलना ही चाहिए था। कोई भी सर्विस, कोई भी प्रोडक्ट टैक्स-मुक्त तो नहीं था। तो कहाँ गया ये टैक्स?)

    👉👉👉👉👉      ✍️✍️✍️✍️निर्वेश क्रांतिकारी 

रविवार, 16 फ़रवरी 2025

आगया IPL 2025 का पूरा शेड्यूल-

 22 मार्च शाम 7.30 से कोलकाता नाइट राइडर्स बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू कोलकाता

23 मार्च दोपहर 3.30 से सनराइजर्स हैदराबाद बनाम राजस्थान रॉयल्स हैदराबाद

23 मार्च शाम 7.30 से चेन्नई सुपर किंग्स बनाम मुंबई इंडियंस चेन्नई

24 मार्च शाम 7.30 से दिल्ली कैपिटल्स बनाम लखनऊ सुपर जाइंट्स विशाखापत्तनम

25 मार्च शाम 7.30 से गुजरात टाइटंस बनाम पंजाब किंग्स अहमदाबाद

26 मार्च शाम 7.30 से राजस्थान रॉयल्स बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स गुवाहाटी

27 मार्च शाम 7.30 से सनराइजर्स हैदराबाद बनाम लखनऊ सुपर जाइंट्स हैदराबाद

28 मार्च शाम 7.30 से चेन्नई सुपर किंग्स बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू चेन्नई

29 मार्च शाम 7.30 से गुजरात टाइटंस बनाम मुंबई इंडियंस अहमदाबाद



30 मार्च दोपहर 3.30 से दिल्ली कैपिटल्स बनाम सनराइजर्स हैदराबाद विशाखापत्तनम

30 मार्च शाम 7.30 से राजस्थान रॉयल्स बनाम चेन्नई सुपर किंग्स गुवाहाटी

31 मार्च शाम 7.30 से मुंबई इंडियंस बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स मुंबई

1 अप्रैल शाम 7.30 से लखनऊ सुपर जाइंट्स बनाम पंजाब किंग्स लखनऊ

2 अप्रैल शाम 7.30 से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू बनाम गुजरात टाइटंस बेंगलुरू

3 अप्रैल शाम 7.30 से कोलकाता नाइट राइडर्स बनाम सनराइजर्स हैदराबाद कोलकाता

4 अप्रैल शाम 7.30 से लखनऊ सुपर जाइंट्स बनाम मुंबई इंडियंस लखनऊ

5 अप्रैल दोपहर 3.30 से चेन्नई सुपर किंग्स बनाम दिल्ली कैपिटल्स चेन्नई

5 अप्रैल शाम 7.30 से पंजाब किंग्स बनाम राजस्थान रॉयल्स न्यू चंडीगढ़

6 अप्रैल दोपहर 3.30 से कोलकाता नाइट राइडर्स बनाम लखनऊ सुपर जाइंट्स कोलकाता

6 अप्रैल शाम 7.30 से सनराइजर्स हैदराबाद बनाम गुजरात टाइटंस हैदराबाद

7 अप्रैल शाम 7.30 से मुंबई इंडियंस बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू मुंबई

8 अप्रैल शाम 7.30 से पंजाब किंग्स बनाम चेन्नई सुपर किंग्स न्यू चंडीगढ़

9 अप्रैल शाम 7.30 से गुजरात टाइटंस बनाम राजस्थान रॉयल्स अहमदाबाद

10 अप्रैल शाम 7.30 से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू बनाम दिल्ली कैपिटल्स बेंगलुरू

11 अप्रैल शाम 7.30 से चेन्नई सुपर किंग्स बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स चेन्नई

12 अप्रैल दोपहर 3.30 से लखनऊ सुपर जाइंट्स बनाम गुजरात टाइटंस लखनऊ

12 अप्रैल शाम 7.30 से सनराइजर्स हैदराबाद बनाम पंजाब किंग्स हैदराबाद

13 अप्रैल दोपहर 3.30 से राजस्थान रॉयल्स बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू जयपुर

13 अप्रैल शाम 7.30 से दिल्ली कैपिटल्स बनाम मुंबई इंडियंस दिल्ली

14 अप्रैल शाम 7.30 से लखनऊ सुपर जाइंट्स बनाम चेन्नई सुपर किंग्स लखनऊ

सब्स्क्राइब https://youtube.com/@nirveshyadavv?si=TIaP6FlgwDTLOUJO

15 अप्रैल शाम 7.30 से पंजाब किंग्स बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स न्यू चंडीगढ़

16 अप्रैल शाम 7.30 से दिल्ली कैपिटल्स बनाम राजस्थान रॉयल्स दिल्ली

17 अप्रैल शाम 7.30 से मुंबई इंडियंस बनाम सनराइजर्स हैदराबाद मुंबई

18 अप्रैल शाम 7.30 से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू बनाम पंजाब किंग्स बेंगलुरू

19 अप्रैल दोपहर 3.30 से गुजरात टाइटंस बनाम दिल्ली कैपिटल्स अहमदाबाद

19 अप्रैल शाम 7.30 से राजस्थान रॉयल्स बनाम लखनऊ सुपर जाइंट्स जयपुर

20 अप्रैल दोपहर 3.30 से पंजाब किंग्स बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू न्यू चंडीगढ़

20 अप्रैल शाम 7.30 से मुंबई इंडियंस बनाम चेन्नई सुपर किंग्स मुंबई

21 अप्रैल शाम 7.30 से कोलकाता नाइट राइडर्स बनाम गुजरात टाइटंस कोलकाता

22 अप्रैल शाम 7.30 से लखनऊ सुपर जाइंट्स बनाम दिल्ली कैपिटल्स लखनऊ

23 अप्रैल शाम 7.30 से सनराइजर्स हैदराबाद बनाम मुंबई इंडियंस हैदराबाद

24 अप्रैल शाम 7.30 से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू बनाम राजस्थान रॉयल्स बेंगलुरू

25 अप्रैल शाम 7.30 से चेन्नई सुपर किंग्स बनाम सनराइजर्स हैदराबाद चेन्नई

26 अप्रैल शाम 7.30 से कोलकाता नाइट राइडर्स बनाम पंजाब किंग्स कोलकाता

27 अप्रैल दोपहर 3.30 से मुंबई इंडियंस बनाम लखनऊ सुपर जाइंट्स मुंबई

27 अप्रैल शाम 7.30 से दिल्ली कैपिटल्स बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू दिल्ली

28 अप्रैल शाम 7.30 से राजस्थान रॉयल्स बनाम गुजरात टाइटंस जयपुर

29 अप्रैल शाम 7.30 से दिल्ली कैपिटल्स बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स दिल्ली

30 अप्रैल शाम 7.30 से चेन्नई सुपर किंग्स बनाम पंजाब किंग्स चेन्नई

1 मई शाम 7.30 से राजस्थान रॉयल्स बनाम मुंबई इंडियंस जयपुर

2 मई शाम 7.30 से गुजरात टाइटंस बनाम सनराइजर्स हैदराबाद अहमदाबाद

3 मई शाम 7.30 से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू बनाम चेन्नई सुपर किंग्स बेंगलुरू

4 मई दोपहर 3.30 से कोलकाता नाइट राइडर्स बनाम राजस्थान रॉयल्स कोलकाता

4 मई शाम 7.30 से पंजाब किंग्स बनाम लखनऊ सुपर जाइंट्स धर्मशाला

5 मई शाम 7.30 से सनराइजर्स हैदराबाद बनाम दिल्ली कैपिटल्स हैदराबाद

6 मई शाम 7.30 से मुंबई इंडियंस बनाम गुजरात टाइटंस मुंबई

7 मई शाम 7.30 से कोलकाता नाइट राइडर्स बनाम चेन्नई सुपर किंग्स कोलकाता

8 मई शाम 7.30 से पंजाब किंग्स बनाम दिल्ली कैपिटल्स धर्मशाला

9 मई शाम 7.30 से लखनऊ सुपर जाइंट्स बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू लखनऊ

10 मई शाम 7.30 से सनराइजर्स हैदराबाद बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स हैदराबाद

11 मई दोपहर 3.30 से पंजाब किंग्स बनाम मुंबई इंडियंस धर्मशाला

11 मई शाम 7.30 से दिल्ली कैपिटल्स बनाम गुजरात टाइटंस दिल्ली

12 मई शाम 7.30 से चेन्नई सुपर किंग्स बनाम राजस्थान रॉयल्स चेन्नई

13 मई शाम 7.30 से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू बनाम सनराइजर्स हैदराबाद बेंगलुरू

14 मई शाम 7.30 से गुजरात टाइटंस बनाम लखनऊ सुपर जाइंट्स अहमदाबाद

15 मई शाम 7.30 से मुंबई इंडियंस बनाम दिल्ली कैपिटल्स मुंबई

16 मई शाम 7.30 से राजस्थान रॉयल्स बनाम पंजाब किंग्स जयपुर

17 मई शाम 7.30 से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स बेंगलुरू

18 मई दोपहर 3.30 से गुजरात टाइटंस बनाम चेन्नई सुपर किंग्स अहमदाबाद

18 मई शाम 7.30 से लखनऊ सुपर जाइंट्स बनाम सनराइजर्स हैदराबाद लखनऊ

20 मई शाम 7.30 से क्वालीफायर एक हैदराबाद

21 मई शाम 7.30 से एलिमिनेटर हैदराबाद

23 मई शाम 7.30 से क्वालीफायर दो कोलकाता

25 मई शाम 7.30 से फाइनल कोलकाता

रविवार, 8 दिसंबर 2024

अफसाना अनजान दिल का

 पहले लगता था बिन तेरे मर जाऊँगा

तू ने छोड़ा तो फिर मैं किधर जाऊँगा


तू भी लगता है मुझ को ज़माने सा ही

तेरे दिल से भी इक दिन उतर जाऊँगा



तेरी आदत ने मुझ को बिगाड़ा है पर

एक दिन देखना मैं सुधर जाऊँगा


फिर तिरे पास से देखना कैसे मैं

तुझ को देखे बिना ही गुज़र जाऊँगा


आज बातों में हूँ तेरी नज़रों में हूँ

जल्द दिल में तिरे हो अमर जाऊँगा


तेरी नज़र-ए-करम की ही बस देर है

ये जो बिगड़ा हुआ हूँ सँवर जाऊँगा


उस की यादें रहेंगी मिरे साथ साथ

शहर ये छोड़ कर अब अगर जाऊँगा


एक दिन छोड़ ये ग़म-ज़दों का जहाँ

बन मैं गुज़री पुरानी ख़बर जाऊँगा


बन के बादल हवाओं के संग उड़ के मैं

ढूँडने तुझ को हर इक नगर जाऊँगा


क्या कहा तुझ को मुझ पर भरोसा नहीं

तुझ को लगता है कि मैं मुकर जाउँगा


हूँ मोहब्बत मोहब्बत मोहब्बत हूँ मैं

तेरा दिल तो नहीं हूँ जो भर जाऊँगा


आज ख़ुशबू मिरी होगी कल छाँव भी

फूल हूँ आज कल बन शजर जाऊँगा

बुधवार, 19 जून 2024

कही परीक्षा भी चंदा का शिकार तो नही. एक के बाद एक लगातार परीक्षा रद्द व पेपर आउट हो रहे है

  और अब गड़बड़ी की ख़बर के बाद UGC- NET की परीक्षा भी रद्द कर दी गयी है। भाजपा के राज में पेपर माफ़िया एक के बाद एक, हर एग्ज़ाम में धांधली कर रहा है। ये देश के ख़िलाफ़ किसी की बड़ी साज़िश भी हो सकती है। 



गहरी व मुख्य बात समझिए:


- पुलिस भर्ती की परीक्षा का पेपर लीक होगा तो क़ानून-व्यवस्था नहीं सुधरेगी। जिससे देश-प्रदेश में अशांति और अस्थिरता बनी रहेगी।

- ⁠NEET की परीक्षा में घपला होगा तो ईमानदार लोग डॉक्टर नहीं बन पाएंगे और देश के लोगों के इलाज के लिए भविष्य में डॉक्टरों की कमी और बढ़ जाएगी और बेईमान लोग, जनता के जीवन के लिए ख़तरा बन जाएंगे। 

- ⁠UGC-NET परीक्षा न होने से, पहले से शिक्षकों की जो कमी चली आ रही है, उसमें और भी ज़्यादा इज़ाफ़ा होगा। शिक्षकों की कमी से देश के मानसिक विकास में बाधा उत्पन्न होगी, जो कालांतर में देश के लिए बेहद घातक साबित होगी।





इन सबसे प्रशासन के साथ-साथ स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था चौपट हो जाएगी। ये हमारे देश के शासन-प्रशासन व देश के मानव संसाधन के विरूद्ध कोई बहुत बड़ा षड्यंत्र भी हो सकता है, जिसके दूरगामी नकारात्मक परिणाम निकलेंगे। इसीलिए कोर्ट की निगरानी में इसकी कठोर जाँच हो और दोषियों को कठोरतम सज़ा दी जाए, और कोई भी अपराधी छोड़ा न जाए, फिर वो चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो या फिर उसके सिर पर सत्ता का हाथ ही क्यों न हो। 


लोग कह रहे हैं जो भ्रष्ट लोग कोरोना के वैक्सीन में चुनावी चंदे के नाम पर पीछे से करोड़ों रूपये खा सकते हैं, वो भला परीक्षा-प्रणाली को क्या छोड़ेंगे। 

गुरुवार, 11 जनवरी 2024

ये जो आज की मिडिया की कमाई है उसका ही कमाल है Driver rools सहमति से लागू होना


 मिडिया का खेल देखो एक डीएम को हटाया और देश मे खवर चला दी क़ानून हटा दिया. जिसके कारण सभी ड्राइवर अपने अपने काम पर चले गए और क़ानून यतास्थित रहा.
https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=pfbid02z3b4LqESRs9748byL1zSQL21Bak9gJ21EXWRv2ZFQmAGCECxZmJuc9h8R8bUdo1al&id=100042784159093&mibextid=Nif5oz

यही नही देश को बर्बादी के लिए विकास बनाने मे ये ही न्यूज वाले दिन रात महनत कर रहे है.

और जनता को यही लगता है की लोग परेशान सिर्फ हमारे क्षेत्र के है बाकी जगह सव ठीक है.

क्योंकि न्यूज भी यही दिखाते है. और लोग जो देख रहे है उस पर विश्वास भी कर लेते है. यही नही कुछ ऐसे भी लोग है जो भीड़ एकत्रित कर इनकी ख़वर को ही साक्षी मानते है.

ये वो लोग है जो बुद्धिहीन व सम्पूर्ण रूप से मुर्ख हो चुके है

क्योंकि उनको भी लगता है कि एक असमाजिक प्रवृति का इंसान जो फैसले ले रहा है वो ही सही है. अगर वो नही होता तो भगवान को कोई नही बचा पाता. हिन्दू विलुप्त हो गए होते और लोग जंगलो मे रहने को मजबूर हो गए होते. ये मूर्खो को बहम है और मिडिया की ये आज की सोच है.https://twitter.com/yadavakhilesh/status/1745674733675512056?t=ChEISqEBCIsENuDOkzDniA&s=19

जबकि मेरी नजर मे सव इसके विपरीत है

भगवान ने ही दुनियां बनाई है भगवान को कोई बचाए ये सिर्फ कोरा झूठ व धर्म के नाम पर मजाक है.

और देश के लुटेरों को विदेश भगाने से पहले भी देश धनवान था. लोग बड़े बड़े घरो मे रह रहे थे. जो गिराए जा रहे है.

लोग अपनी फसलों मे लगाने के लिए खाद बीज दबाई खरीद पा रहे थे 

सवारी चलाने के लिए आज से आधे दाम मे तेल खरीद पा रहे थे.

गरीव आज से तिहाई दाम मे गैस सिलेंडर ले पा रहे थे

और तो और रिश्वत भी अव दस गुना महंगी हो गईं है

जिससे इन दलालों की इनकम भी बढ़ गईं है

और चंदा भी आज कल देश के कर्ज कई गुना बढ़ गया है

जो शिक्षा व गरीवो के लिए सायद शून्य है

     ✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️✍️निर्वेश क्रांतिकारी 

बुधवार, 10 जनवरी 2024

सच समझें कॉन्वेंट का मतलब क्या है


 कान्वेंट शब्द पर गर्व न करें... 

सच समझें कॉन्वेंट का मतलब क्या है?https://twitter.com/nirveshky/status/1595628905494609921?t=Kjj7QomIXLZtE7W4Gd6v1A&s=19


‘काँन्वेंट’ ! सब से पहले तो यह जानना आवश्यक है कि, ये शब्द आखिर आया कहाँ से है, तो आइये प्रकाश डालते हैं।


ब्रिटेन में एक कानून था, " लिव इन रिलेशनशिप " बिना किसी वैवाहिक संबंध के एक लड़का और एक लड़की का साथ में रहना, तो इस प्रक्रिया के अनुसार संतान भी पैदा हो जाती थी तो उन संतानों को किसी चर्च में छोड़ दिया जाता था।


अब ब्रिटेन की सरकार के सामने यह गम्भीर समस्या हुई कि इन बच्चों का क्या किया जाए तब वहाँ की सरकार ने काँन्वेंट खोले अर्थात् जो बच्चे अनाथ होने के साथ-साथ नाजायज हैं , उनके लिए ये काँन्वेंट बने।


उन अनाथ और नाजायज बच्चों को रिश्तों का एहसास कराने के लिए उन्होंने अनाथालयो में एक फादर एक मदर एक सिस्टर की नियुक्ति कर दी क्योंकि ना तो उन बच्चों का कोई जायज बाप है ना ही माँ है। तो काँन्वेन्ट बना नाजायज बच्चों के लिए जायज।


इंग्लैंड में पहला काँन्वेंट स्कूल सन् 1609 के आसपास एक चर्च में खोला गया था जिसके ऐतिहासिक तथ्य भी मौजूद हैं और 

भारत में पहला काँन्वेंट स्कूल कलकत्ता में सन् 1842 में खोला गया था। परंतु तब हम गुलाम थे और आज तो लाखों की संख्या में काँन्वेंट स्कूल चल रहे हैं।


जब कलकत्ता में पहला कॉन्वेंट स्कूल खोला गया, उस समय इसे ‘फ्री स्कूल’ कहा जाता था, इसी कानून के तहत भारत में

कलकत्ता यूनिवर्सिटी बनाई गयी, बम्बई यूनिवर्सिटी बनाई गयी, मद्रास यूनिवर्सिटी बनाई गयी और ये तीनों गुलामी के ज़माने की यूनिवर्सिटी आज भी इस देश में हैं।


मैकाले ने अपने पिता को एक चिट्ठी लिखी थी बहुत मशहूर चिट्ठी है। उसमें वो लिखता है कि 

“इन कॉन्वेंट स्कूलों से ऐसे बच्चे निकलेंगे जो देखने में तो भारतीय होंगे लेकिन दिमाग से अंग्रेज होंगे। इन्हें अपने देश के बारे में कुछ पता नहीं होगा। इनको अपने संस्कृति के बारे में कुछ पता नहीं होगा। इनको अपनी परम्पराओं के बारे में भी कुछ पता नहीं होगा।


इनको अपने मुहावरे ही नहीं मालूम होंगे, जब ऐसे बच्चे होंगे इस देश में तो अंग्रेज भले ही चले जाएँ इस देश से अंग्रेजियत नहीं जाएगी।” उस समय लिखी चिट्ठी की सच्चाई इस देश में अब साफ़-साफ़ दिखाई दे रही है और उस एक्ट की महिमा देखिये कि हमें अपनी भाषा बोलने में शर्म आती है, अंग्रेजी में बोलते हैं कि दूसरों पर रुवाब पड़ेगा।


अरे ! हम तो खुद में हीन हो गए हैं। जिसे अपनी भाषा बोलने में शर्म हो, दूसरों पर क्या असर पड़ेगा ?

लोगों का तर्क है कि “अंग्रेजी अंतर्राष्ट्रीय भाषा है”।


दुनिया में 204 देश हैं और अंग्रेजी सिर्फ 11 देशों में ही बोली, पढ़ी और समझी जाती है, फिर ये कैसे अंतर्राष्ट्रीय भाषा है?  


शब्दों के मामले में भी अंग्रेजी समृद्ध नहीं दरिद्र भाषा है। इन अंग्रेजों की जो बाइबिल है वो भी अंग्रेजी में नहीं थी और ईसा मसीह अंग्रेजी नहीं बोलते थे। 

ईसा मसीह की भाषा और बाइबिल की भाषा अरमेक थी।

अरमेक भाषा की लिपि जो थी वो हमारे बंगला भाषा से मिलती जुलती थी। समय के कालचक्र में वो भाषा विलुप्त हो गयी।


भारत देश में अब भारतीयों की मूर्खता देखिए…  


जिनके जायज माँ बाप भाई बहन सब हैं, वो काँन्वेन्ट में जाते है तो क्या हुआ एक बाप घर पर है और दूसरा काँन्वेन्ट में जिसे फादर कहते हैं। आज जिसे देखो काँन्वेंट खोल रहा है जैसे- "बजरंग बली काँन्वेन्ट स्कूल", माँ भगवती काँन्वेन्ट स्कूल"।  

अब इन मूर्खो को कौन समझाए कि, भईया माँ भगवती या बजरंग बली का काँन्वेन्ट से क्या लेना देना?


दुर्भाग्य की बात यह है कि, जिन चीजों का हमने त्याग किया अंग्रेजो ने वो सभी चीज़ों को पोषित और संचित किया फिर भी हम सबने उनकी त्यागी हुई गुलाम सोच को आत्मसात कर गर्वित होने का दुस्साहस किया।

आइए आगे से जब भी हमसे कोई आश्रय कॉन्वैंट स्कूल की बात कहेगा या करेगा तो उसे उपरोक्त तथ्यों से परिचित अवश्य कराएंगे।साभार ✍️🙏

                                         ✍️✍️✍️✍️निर्वेश क्रांतिकारी 

मंगलवार, 9 जनवरी 2024

ESW का मतलब सामान्य बर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोग. ESW केटेगिरी मे SC, OBC, ST, के किसी भी भारतीय ब्यक्ति को शामिल नही किया जाता है

बिस्तार 

साल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र की मोदी सरकार ने सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 10 फीसदी आरक्षण दिया था। इसके लिए संविधान में 103वां संशोधन किया किया था। इसके बाद से ही इस आरक्षण के खिलाफ विवाद खड़ा हो गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण बरकरार रखने पर अपनी मुहर लगा दी है। मामले की सुनवाई करते हुए पांच जजों वाली संवैधानिक पीठ ने EWS आरक्षण के पक्ष में 3: 2 के अंतर से अपना फैसला सुनाया। तीन न्यायाधीश ने अधिनियम को बरकरार रखने के पक्ष में जबकि चीफ जस्टिस और एक न्यायाधीश ने इसपर असहमति जताई। आइए अब जानते हैं सुप्रीम कोर्ट में ये मामला क्यों पहुंचा था? EWS आरक्षण का फायदा किन्हें मिलेगा?

EWS का मतलब है आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण। यह आरक्षण सिर्फ जनरल कैटेगरी यानी सामान्य वर्ग के लोगों के लिए है। इस आरक्षण से SC, ST, OBC को बाहर किया गया है। दरअसल, 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र की मोदी सरकार ने सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 10 फीसदी आरक्षण दिया था। इसके लिए संविधान में 103वां संशोधन किया किया था। वैसे कानूनन, आरक्षण की सीमा 50 फीसदी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। अभी देशभर में एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग को जो आरक्षण मिलता है, वो 50 फीसदी सीमा के भीतर ही है। मामला यहीं फंस गया था कई लोगों को आपत्ति थी कि सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण मिलने से यह करीब 60 फीसदी के बराबर हो जाएगा जो कि संविधान को घोर उल्लंघन है। केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 40 से ज्यादा याचिकाएं दायर हुई थीं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने 27 सितंबर को अपना फैसला सुरक्षित रखा था। इसके अलावा फरवरी 2020 में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में पांच छात्रों ने भी आरक्षण के खिलाफ याचिका दायर की थी।  


50 फीसदी सीमा में किसे कितना आरक्षण, केंद्र सरकार ने दी सफाई

50 फीसदी सीमा में ओबीसी को 27 फीसदी, एससी को 15 फीसदी और एसटी को 7.5 फीसदी आरक्षण मिला है। लेकिन सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 10 फीसदी आरक्षण मिलने से यह सीमा 59.5 फीसदी हो जाती है। लेकिन केंद्र सरकार ने इसपर सफाई देते हुए कहा था कि आरक्षण के 50% बैरियर को हमने नहीं तोड़ा है क्योंकि 1992 के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने ही कहा था कि 50% से ज्यादा आरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए ताकि बाकी 50% जगह सामान्य वर्ग के लोगों के लिए बची रहे। यह आरक्षण 50% में आने वाले सामान्य वर्ग के लोगों के लिए ही है। यह बाकी के 50% वाले ब्लॉक को डिस्टर्ब नहीं करता है।

                       ✍️✍️✍️✍️✍️निर्वेश क्रांतिकारी 


सोमवार, 8 जनवरी 2024

इसे कहते है भक्ती की आड़ मे बिजनेस

 

इसे कहते है भक्ती की आड़ मे बिजनेस ✍️✍️✍️

ये कोई इत्तेफ़ाक़ नही बल्कि मोदी सरकार की साजिस है

एक तरफ राम मंदिर के नाम पर लोगों के बीच अपने राम भक्त होने का प्रचार कर रहे है.

और राममंदिर की आड़ मे उस बन को काट रहे है जिसमे भगवान राम ने बनबास के समय 10 साल गुजारें थे.

मंगलवार, 26 दिसंबर 2023

UPP कॉस्टेबल भर्ती अभ्यर्थीयों को 3 साल अतिरिक्त छूट

 


     UPP कॉस्टेबल भर्ती अभ्यर्थीयों को 3 साल अतिरिक्त छूट 

 सामान्य पुरुष उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु अब 25 वर्ष है

जबकि महिलाओं के लिए यह 28 वर्ष है।


इसी प्रकार, आरक्षित श्रेणी के छात्रों के लिए, पुरुषों और महिलाओं

के लिए अधिकतम आयु सीमा क्रमशः 30 और 33 वर्ष कर दी गई है।

भर्ती देखने वाले युवाओं के लिए उप्र सरकार की तरफ से एक और

मौका दिया है 

शुक्रवार, 22 दिसंबर 2023

15.लाख का सपना दिखा कर बीजेपी PM नरेंद्र मोदी जी ने 1.4 लाख का बना दिया कर्ज दार


 मोदी सरकार ने देश पर कर्ज बढ़ा द‍िया.

जब मोदी जी सरकार मे आए उससे पहले मोदी जी ने सभी नागरिक के लिए 15 लाख रु मिलने का सपना दिखाया और अव 

देश के हर नागर‍िक पर 1 लाख 40 हजार का कर्ज लाद द‍िया.

बीजेपी सरकार को लगता है, इस बात से देश पर कोई फर्क नही पड़ेगा.

लेकिन आने वाले समय मे सायद कोई आपत्ति आने पर कोई विश्वास करें.

क्योंकि देश की जनता से PM केयर फण्ड के नाम इकट्ठा किया हुआ पैसा का जनता को ही नही मालूम क्या हुआ.

तो सायद अव जनता से चंदा किसी सरकारी आपत्ति के नाम पर मिल सके.

कुल मिलाकर अव जनता पूर्ण रूप से आपत्ति समय मे भी आत्म निर्भर है.

जो की मौजूद बीजेपी के प्रधानमंत्री जी का एक सपना था.

वो लगभग साकार हो चूका है 

बुधवार, 20 दिसंबर 2023

PMO ने अग्निवीर स्कीम को सेना पर ज़बरदस्ती थोपा था, पूर्व सेनाध्यक्ष का खुलासा !!

 PMO ने अग्निवीर स्कीम को सेना पर ज़बरदस्ती थोपा था, पूर्व सेनाध्यक्ष का खुलासा !! 


अग्निवीर स्कीम PMO द्वारा देश व सेना के साथ एक धोखा या शायद एक साजिश !!


पूर्व सेना प्रमुख जनरल M.N. नरवाने ने अपनी किताब "फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी" में किया खुलासा !


"PMO से अग्निवीर योजना के ऐलान से तीनों सेनाएं चौंक गई थी ! नौसेना और वायु सेना के लिए तो ये सूचना एक झटके की तरह आई !"


उन्होंने आगे लिखा कि "जो सैनिक देश के लिए जान देता है, उसकी सैलरी की तुलना दिहाड़ी मज़दूर से नहीं की जा सकती, सेना की मज़बूत सिफारिश के बाद इसे 20,000/- मासिक से बढ़ाकर 30,000/- मासिक किया गया।" 


लेकिन रेगुलर की तनख्वाह 45000 है, अग्निवीर व रेगुलर सैनिक के बीच ये भेदभाव घातक सिद्ध होगा। 


प्रश्न ये हैं कि-


➡️ PMO (प्रधानमंत्री कार्यालय) ने अग्निपथ स्कीम को भारतीय सेना व तीनों सेना प्रमुखों को बिना बताए व बिना पायलट प्रोजेक्ट किए, क्यों लागू किया ?


➡️ सेना पर ये स्कीम, जो न देशहित में है, न ही युवाओं के हित में है, फिर भी क्यों थोपी गई ?


➡️ क्या ये स्कीम देश की सुरक्षा प्रणाली के साथ खिलवाड़ नहीं है ?


➡️ जब ये स्कीम देश की सुरक्षा, सेना व युवाओं के हित में नहीं है तो इसे क्यों न तुरंत प्रभाव से बंद कर किया जाए !


सोमवार, 4 सितंबर 2023

विश्व कप के लिए भारत की टीम


निर्वेश क्रांतिकारी ✍️✍️✍️

बल्लेबाज: रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, सूर्यकुमार यादव।
विकेटकीपर: केएल राहुल, ईशान किशन।
ऑलराउंडर: हार्दिक पांड्या  (उपकप्तान), रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल, शार्दुल ठाकुर।
गेंदबाज: जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव।

मंगलवार, 4 अप्रैल 2023

Sambhal : बेटी के साथ हुई छेड़खानी में तत्काल कार्रवाई न होने व पुलिस द्वारा फैसला का दवाव बनाने पर पिता ने खाया जहर, उपचार के दौरान मौत


Sambhal : बेटी के साथ हुई छेड़खानी में तत्काल कार्रवाई न होने पर पिता ने खाया जहर, उपचार के दौरान मौत


 संभल Published by: निर्वेश क्रांतिकारी 

उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना संभल जिले के थाना कुढ़फतेहगढ़ क्षेत्र के एक गांव में मंगलवार की शाम पांच बजे करीब हुई है।

Sambhal : Due to no immediate action in molestation with daughter, father consumed poison, died
death demo - फोटो 

    • #रामराज्य 

    विस्तार

    चंदौसी (संभल) में बेटी के साथ हुई छेड़खानी की घटना से आहत पिता ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना संभल जिले के थाना कुढ़फतेहगढ़ क्षेत्र के एक गांव में मंगलवार की शाम पांच बजे करीब हुई है। पुलिस ने 55 वर्षीय मृतक की पत्नी की तहरीर के आधार पर युवती से छेड़खानी के मामले में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। 


    वहीं युवती के भाई समेत तीन लोगों के खिलाफ आरोपी की पत्नी ने भी छेड़खानी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। मृतक के परिवार का आरोप है कि पुलिस मंगलवार की सुबह से शाम तक फैसला करने का दवाब बनाती रही। डराने और धमकाने के साथ ही पीड़ित युवती और उसकी मां को भी थाने में बैठाए रखा। इसी बात से आहत होकर व्यक्ति ने जहरीले पदार्थ का सेवन थाने से बाहर निकल कर किया। मृतक की पत्नी ने बताया कि सोमवार की शाम वह खेत पर गेहूं की कटाई करने के लिए गई थीं। 


    पति व परिवार के अन्य लोग रामपुर जिले में बेटी का रिश्ता तय करने के लिए गए हुए थे। घर पर 18 वर्षीय बेटी और बेटे की पत्नी थे। शाम के समय बेटी घर से कुछ दूरी पर बनी पशुशाला में भैंस का दूध निकालने के लिए जा रही थी। इसी दौरान आरोपी ने छेड़खानी की। पीड़िता ने बताया कि जब वह खेत से लौटीं तो बेटी ने घटना की जानकारी दी। रिश्ता तय कर लौटे पति व परिवार के लोगों को भी इसकी जानकारी दी। रात के समय थाने नहीं गए लेकिन यूपी112 पुलिस को सूचना दी थी। मौके पर पहुंची यूपी112 पुलिस ने थाने में तहरीर देने के लिए कहा। रात के समय थाने गए नहीं थे। 

    मंगलवार की सुबह जब थाने पहुंचे तो पुलिस समझौते का दवाब बनाने लगी। पीड़िता का आरोप है कि जब कार्रवाई की मांग की तो पुलिस ने बेटी को जेल भेजने की धमकी देते हुए बैठा लिया। सुबह से शाम तक पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसकी जानकारी जब पति को हुई तो वह आहत हो गए और उन्होंने थाने के सामने से ही किसी दुकान से सल्फास की गालियां खरीदकर सेवन कर लिया। जिससे उपचार के दौरान चंदौसी के निजी अस्पताल में उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी पर अपर पुलिस अधीक्षक डा. श्रीशचंद्र, सीओ चंदौसी दीपक तिवारी भी पहुंच गए। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

    दोनों पक्षों में विवाद की सूचना पर यूपी112 पुलिस पहुंची थी। मंगलवार को दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खि लाफ छेड़खानी की रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। तहरीर के आधार पर दोनों पक्षों की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जिस व्यक्ति ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर जान दी है। वह नशे की हालत में था। पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप है। उसकी जांच कराई जाएगी।
    - डा. श्रीशचंद्र, अपर पुलिस अधीक्षक, संभल।

    शनिवार, 25 मार्च 2023

    भाला आपके हाथ मे है इसे नाभि मे मार दीजिये


     आपकी मासूमियत अब अभिशाप का रूप ले रही है। मैं आपको केवल शराफत छोड़ने के लिए कह रहा हूं। राहुल, तेजस्वी से लेकर अखिलेश यादव तक सुनिए। भाला नाभि में मारना है, गले में नहीं।


    जिस दिन पहली बार राहुल को पप्पू बताया गया, उनकी मां सोनिया को जर्सी गाय और बार डांसर बताया गया वो चुप रहें, जिस दिन उनके नाना नेहरू को अय्याश बताया, उनकी दादी इंदिरा और पिता राजीव के बारे में व्हाट्सएप पर झूठ इतिहास परोसा गया उन्होंने जवाब नहीं दिया।


    राहुल के पूर्वज राहुल की निजी संपति नहीं है, उनके निजी पूर्वज नहीं है। गांधी-नेहरू की विरासत भले उन्हें जन्म के साथ दे दी गई लेकिन उनके साथ जुड़ा वैचारिक साम्राज्य पूरे देश का है। 


    तो फिर नेहरू को गाली देने पर राहुल चुप क्यों रह गए, गांधी को देशद्रोही बताने वालों पर मुकदमा क्यों नहीं करवाया, इतिहास को तोड़ मरोड़ कर पेश करने वाले संघ के प्रवक्ताओं के खिलाफ एक प्राथमिकी भी दर्ज क्यों नहीं की?


    ठीक वैसे ही लालू प्रसाद यादव केवल तेजस्वी यादव के निजी पूर्वज नहीं है, अखिलेश और नेताजी के बीच पूरे देश की समाजवादी कौम है। उनकी वैचारिक विरासत के उत्तराधिकारी भले दो लोग हों लेकिन उनकी वैचारिक लड़ाई के अगुआ हम जैसे करोड़ों हैं। नीतीश कुमार के डीएनए को गाली देने वाले गालीबाज को आपने यूंही कैसे छोड़ दिया।


    तो अब साफ साफ शब्दों में सुनिए। हमारे महापुरुषों और नेताओं को गाली देने वाले उचक्कों को माफी देने का अधिकार न तो तेजस्वी को है, न राहुल को, न अखिलेश को। 


    बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना, बंगाल, तमिलनाडु, केरल, हिमांचल की गद्दी पर बैठी सरकारें आपके विचारों का प्रतिनिधित्व कर रहीं हैं। इनका उपयोग कीजिए।


    नोएडा की गिद्ध मीडिया के कारण देश में बढ़ रहें साम्प्रदायिक तनावों पर एक्शन लीजिए। उनके शो से रायपुर, जयपुर, हैदराबाद में भी कम्यूनल हेट बढ़ता है और पटना में भी। तो फिर इनके संपादकों को अभय क्यों देना? माफ़ मत कीजिए।


    मनीष कश्यप और अर्नब गोस्वामी की तरह देशभर के सभी गुलाम एंकर्स को जमानत के लिए दौड़ाना शुरू कीजिए। ये लोग वैसे भी आपको नहीं दिखा रहें, दिखा भी रहें है तो उसका नकारात्मक प्रभाव ही पड़ रहा है। आपकी कर्रवाई के बाद ज्यादा से ज्यादा आपको दिखाना बंद कर देंगे। इससे उनका भी नुकसान है, केवल आपका नहीं।


    सम्मान बहुत दे दिया। अब पुलिस, पावर और धाराएं दीजीए। भाला आपके हांथ में है, इसे नाभि में मार दीजीए।

                                           ✍️✍️✍️✍️ #निर्वेशक्रांतिकारी

    शनिवार, 7 जनवरी 2023

    सूर्यकुमार यादव ने बाबर आजम और लोकेश राहुल को पीछे छोड़ा, टी20 क्रिकेट में तीसरा शतक लगाया

    IND vs SL T20: सूर्यकुमार यादव ने बाबर आजम और लोकेश राहुल को पीछे छोड़ा, टी20 क्रिकेट में तीसरा शतक लगाया

    स्पोर्ट्स डेस्क, ✍️✍️ निर्वेश क्रांतिकारी 
    सार

    सूर्यकुमार यादव ने टी20 क्रिकेट में तीसरी बार भारत के लिए शतकीय पारी खेली। इसके साथ ही उन्होंने लोकेश राहुल और पाकिस्तान के बाबर आजम को पीछे छोड़ दिया। 
     

    सूर्यकुमार यादव
    सूर्यकुमार यादव - फोटो : अमर उजाला
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    विस्तार

    श्रीलंका के खिलाफ टी20 सीरीज के तीसरे और आखिरी मैच में सूर्यकुमार यादव ने शानदार शतक लगाया। एक साल के अंदर उन्होंने तीसरी बार भारत के लिए टी20 क्रिकेट में शतक लगाया और कई रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए। अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में यह सूर्या का तीसरा शतक था। इस पारी के साथ ही उन्होंने भारत के लोकेश राहुल और पाकिस्तान के बाबर आजम सहित कई बल्लेबाजों को पीछे छोड़ दिया है। ये दोनों बल्लेबाज अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में दो शतक लगा चुके हैं। वहीं, सूर्यकुमार यादव तीन बार यह कारनामा कर चुके हैं। 
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    अब टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक लगाने के मामले में सूर्यकुमार से आगे सिर्फ भारतीय कप्तान रोहित शर्मा हैं। रोहित ने भारत के लिए टी20 में चार शतक लगाए हैं और अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज हैं। 
    मैक्सवेल और मुनरो के क्लब में शामिल हुए सूर्यकुमार
    टी20 क्रिकेट में अपने तीसरे शतक के साथ सूर्यकुमार यादव ने ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैक्सवेल और न्यूजीलैंड के कॉलिन मुनरो की बराबरी कर ली है। ये दोनों बल्लेबाज भी अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में तीन शतक लगा चुके हैं। चेक गणराज्य के दवीजी ने भी अपने देश के लिए टी20 में तीन शतक लगाए हैं, लेकिन वह एसोसिएट टीम का हिस्सा हैं।
     
    अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक
    बल्लेबाजदेशशतक
    रोहित शर्माभारत4
    सूर्यकुमार यादवभारत3
    ग्लेन मैक्सवेलऑस्ट्रेलिया3
    कॉलिन मुनरोन्यूजीलैंड3
    एस दवीजीचेक गणराज्य3


    सूर्यकुमार यादव ने भारत के लिए टी20 में पहला शतक जुलाई 2022 में इंग्लैंड के खिलाफ लगाया था। उन्होंने 55 गेंद में 117 रन की पारी खेली थी। इसके बाद नवंबर 2022 में उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ 51 गेंद में नाबाद 111 रन बनाए। अब उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 51 गेंद में नाबाद 112 रन की पारी खेली।

    इस मैच में सूर्यकुमार यादव ने 45 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा कर लिया था। यह टी20 में भारत के लिए दूसरा सबसे तेज शतक है। भारत के लिए सबसे तेज टी20 शतक रोहित शर्मा ने 2017 में श्रीलंका के खिलाफ लगाया था। उन्होंने 35 गेंद में अपना शतक पूरा कर लिया था।

    पंचायत चुनाव पर यूपी सरकार का बड़ा फैसला, हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ अपील करेगी योगी सरकार

    लखनऊ : उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ सरकार अपील दायर करेगी,...